अपने जीवन की जिम्मेदारी स्वयं लेना

20 से 30 साल की आयु के बीच का समय किसी भी व्यक्ति के लिए सबसे मुश्किल दौर होता है। उस समय एक खिंचाव होता है जिसमे आप महसूस करते हैं कि आपको अब एक निर्धारित स्तर पर पहुंच जाना चाहिए। यह एक ऐसा समय होता है, जब आप खुद पर संदेह कर सकते हैं, आश्चर्य कर सकते हैं कि क्या आप कुछ पाने के लिए पर्याप्त प्रयास कर रहे हैं या नहीं, क्या आप कभी सफल होंगे या नहीं ।


यह एक ऐसा दौर है जब, यदि आप सावधान नहीं होते हैं, तो स्तिथि वास्तव में बिगड़ सकती हैं। इस उम्र के दौरान, समाज द्वारा डाले गए दबाव से हालात और बदतर हो जाते हैं।


बेशक, कुछ ऐसे लोग भी होते हैं, जो सिर्फ प्रवाह के साथ जिए जा रहे है। जीवन उन्हें एक विशेष दिशा में ले बहा के ले जा रहा है और वह खुद से अपने जीवन को किसी विशिष्ट दिशा में आगे बढ़ाने के लिए कोई प्रयास ही नहीं कर रहे है।


इस तरह के लोग स्वाभाविक हैं, और हर बार नहीं तो अधिकतर, उनकी अंत में यह इच्छा ही रह जाती है, कि काश उन्होंने अपने जीवन को थोड़ा और अधिक नियंत्रित किया होता।

 

इस प्रकार, हम उन तरीकों पर चर्चा करते हैं जिनसे आप अपने जीवन की दिशा को नियंत्रित कर सकते हैं और उन मील के पत्थरों को नियंत्रित कर सकते हैं जिन तक आप अपनी  बढ़ती उम्र की थकान से पहले पहुंचना चाहते हैं जिससे आप बाद में उन दिनों की याद करके पछतावा नहीं कि काश जब युवा थे, तब कुछ सही कदम ले लेते।

 

Regard : Omkar Dahibavkar

1. खुद को जानिए :

काम, जीवन, नौकरी और लक्ष्यों के लिए एक निश्चिंत रवैया रखने पर, शान्ति तो महसूस हो सकती है, लेकिन वास्तव में लंबे समय में यह आपकी उत्पादन क्षमता को कम कर देता है।


कुछ लोग वही रास्ता चुनते हैं क्योंकि उनके दोस्त भी उसी रास्ते पर चलते हैं, यह गलत तरीका है | वह अपने लिए समय निकाल कर सोचें कि क्या वे इसके लिए योग्यता रखते हैं या यदि वे वास्तव में वैसा चाहते हैं।


कुछ के लिए, यह रास्ता उनके माता-पिता द्वारा चुना जाता है। हमारे माता-पिता हमसे बहुत प्यार करते हैं, लेकिन समय आता है जब आपको खुद को जानने और उस ज्ञान के आधार पर निर्णय लेने की आवश्यकता होती है।


यह कभी न भूलें कि यह आपका जीवन है। अपने आप से कभी झूठ मत बोलो। सबसे बढ़कर, दूसरों के विचार के आधार पर कभी निर्णय न लें क्योंकि अंत में आपको ही अपने साथ रहना होगा।

2. जीवन में अपने जुनून या लक्ष्य का पता लगाएं :

अपने जीवन को संभालने के लिए, आपको पता होना चाहिए कि आप किस काम के प्रति भावुक हैं; किन चीजों से आप प्यार करते हैं, उनके बारे में परवाह करते हैं, उनमे अपना समय निवेश करें।


आप एक लक्ष्य खोजें और उसके पीछे जाएं। आधे-अधूरे उपायों के आधार पर कोई भी सफल नहीं होता है। आप किसी भी कार्य की शुरुआत, अपनी तरफ से भरपूर जोश और प्रयास के साथ कीजिये, भले ही आखिर में आपको सफलता हासिल हो या न हो ।

 

एक लक्ष्य होने से आपको ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है और आप एक कम्पास की तरह, एक निश्चित दिशा में कार्य करते हैं ।

3. जिम्मेदारी लें :

यह शब्द व्यापक क्षेत्र को सम्मलित करता है। यह आपके जीवन के सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है: वित्त, दोस्ती, आदि। इसमें कुछ भी गलत होने का दोष, आप स्वयं लेते हैं और चीजों को ठीक करने के लिए काम करते हैं।


इस के लिए जरूरी है कि आप खुद के द्वारा लिए गए निर्णयों को और उनके परिणाम को जानने की कोशिश करें । किसी को भी आप को भटकाने के लिए दोषी न मानें क्योंकि हर कार्य को करने का निर्णय, आपके स्वयं के द्वारा ही लिया गया है।

4. अपने फैसले अपने आप लें :

यह ऊपर से संबंधित है और इस के द्वारा आप “नहीं” कहने में सक्षम है। अपने आप को दूसरे पर निर्भर मत होने दें । इसका मतलब यह नहीं है कि आपको दी गई सलाह को अनदेखा करना चाहिए।


इसका मतलब यह है कि आपको अपने विकल्पों को तौलना चाहिए, पेशेवरों और विपक्षों को देखना चाहिए, और एक निर्णय लें , जिसके परिणाम(ओं) के जिम्मेदारी आप स्वयं ले सकें ।

 

किसी के पास सभी उत्तर नहीं हैं और जब आप कोई बड़ा निर्णय लेने वाले हों, तो डरना लाजमी है। हालाँकि, इस कार्य को किसी दूसरे न करवाएं। यह कार्य आपका है और इसे आपको ही करना चाहिए।

5. खुद का मूल्यांकन करें :

आपको लगातार उन आदतों की तलाश में रहना चाहिए, जिन्हें छोड़ना जरूरी है। स्व-मूल्यांकन बहुत ही कठोर होता है लेकिन, जो कुछ भी आपको लगता है कि ख़राब है, तो उसे बदलने की जरूरत है और जो बिलकुल ही पसंद नहीं हो, उसे छोड़ देना जाना चाहिए ।


समय बदल रहा है और आपको लाइमलाइट में बने रहने के लिये, अपनी क्षमता को सुधारना चाहिए।

6. अपने लक्ष्यों को सरल बनाएं :

हमारे पास करने के लिए बहुत कुछ है और हम सब कुछ करने के लिए इतने उत्सुक हैं कि हम कुछ भी नहीं कर पाते हैं, इसलिए एक वास्तविक लक्ष्य, सौ अवास्तविक लक्ष्य से कही बेहतर है । केंद्रित रहें और अपना काम करते रहें।


जीवन जीने के मंत्र:

1. जीवन कोई मजाक नहीं है, इसे गंभीरता से लें।
2. अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन के बीच संतुलन बिठाएं ।
3. अधिक सजग और सावधान रहें।
4. अपनी आवश्यकताओं, सपनों और लक्ष्यों को प्राथमिकता दें।